रेलवे ने अपने 19 अधिकारियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया है। ये सभी अधिकारी रेलवे के इतिहास विभाग के थे। मोदी सरकार ने खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इन सभी को जबरिया रिटायर कर दिया गया है। इस लिस्ट में 10 अधिकारी जॉइंट सेक्रटरी के लेवल के हैं। 

बता दें कि रेलवे मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद अश्विनी वैष्णव ने साफ कह दिया था कि कर्मचारियों को या तो काम करना होगा या फिर उन्हें घर में बैठा दिया जाएगा। पिछले 11 महीने में 96 अधिकारियों को वीआरएस दिया जा चुका है। मोदी सरकार ने सरकारी अधिकारियों कि समय समीक्षा के तहत केंद्रीय सिविल सेवा पेंशन अधिनियम  1972 56 जे आई के नियम 48 के तहत यह कार्रवाई की है।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published.